Wednesday, 25 September 2024

गोरे-गोरे गाल तेरा, चटक मटक चाल रे

गोरे-गोरे गाल तेरा, चटक मटक चाल रे, गोरे-गोरे गाल तेरा चटक मटक चाल रे, घायल कर दी गोरी, तेरा अंदाज़ निराला है। नज़रें झुकी-झुकी सी, दिल पे वार कर गई, हँसी जो तेरी छू ले, रूह को छू गई। जब तू चले हौले-हौले, हवा भी थम सी जाए, तेरे हर कदम पे, ये दुनिया झूम जाए। तेरे झुमके खनक-खनक, दिल की धड़कन बने, गोरे-गोरे गाल तेरा, दिलों को कैसे चुने। घायल कर दी गोरी, तेरा अंदाज़ निराला है, गोरे-गोरे गाल तेरा, चटक मटक चाल रे। गोरे-गोरे गाल तेरा, चटक मटक चाल रे, आँखों में वो काजल, जैसे रात की चाँदनी, तेरे होंठों पे मुस्कान, जैसे खिले गुलाब की। तेरी चाल में वो जादू, जो दिल को महका दे, तेरे पीछे पीछे ये दिल, जैसे पंछी उड़ चले। घायल कर दी गोरी, तेरा अंदाज़ निराला है, गोरे-गोरे गाल तेरा, चटक मटक चाल रे। गोरे-गोरे गाल तेरा, चटक मटक चाल रे, बिंदिया तेरी चमके, जैसे सितारे आसमां में, तेरे आने से लगता, जैसे रंगीन जहाँ में। तू जहाँ से गुजरे, खुशबू वहाँ छा जाए, तेरी एक झलक पे दिल दीवाना हो जाए। घायल कर दी गोरी, तेरा अंदाज़ निराला है, गोरे-गोरे गाल तेरा, चटक मटक चाल रे। गोरे-गोरे गाल तेरा, चटक मटक चाल रे,

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