Sunday, 15 September 2024

संगे संग तोर स चलना हे

संगे संग तोर स चलना हे संगे संग तोर स चलना हे, सपना के दुनिया सजाना हे, तोर गोदी म सिर राख के, हमर जीवन बिता देना हे। तोर मया म मोर दुनिया हे, तोर बिना कुछु नइ होये रे, तोर संग जइसे रुख म पंछी, हमर जिनगी संवर जाये रे। तोर हंसी ले दिन बनथे, तोर आँखी ले सपना सजे, तोर अंगना म बसना हे, हमर जीवन तोर संग रहे। संगे संग तोर स चलना हे, सपना के दुनिया सजाना हे। जइसे नदी पखरा के संग, बहते जाही ये जिनगी के रंग, तोर पगली पगली चलबो हम, हर पल म तोर हाथ थामबो हम। तोर मया के छाँव म रहिबो, सुख दुख संग निभायबो हम, हमर हर ग़ज़ल म तोर सुर हे, तोर संग गावत रहिबो हम। संगे संग तोर स चलना हे, सपना के दुनिया सजाना हे। तोर गोदी म सुकून मिलथे, तोर संग दुनिया नई डरथे, हर मुश्किल पार हो जाही, जब संग म तोर मया बरसथे। रात दिन तोर सपना हवे, हर पल म तोर चर्चा हवे, तोर छाया म बसर करेबर, हमर जिनगी म तोर जग हे। संगे संग तोर स चलना हे, सपना के दुनिया सजाना हे। तोर पंछी के हावन सिखना हे, तोर राह म मोर घर बसना हे, तोर साथ म हर रोज़ हंसना हे, हमर मन के सपना साजना हे। संगे संग तोर स चलना हे, सपना के दुनिया सजाना हे।

No comments:

Post a Comment