Wednesday, 11 September 2024

जग में दिया जले, दिया जले, दिया जले, जय जय हो

"जग में दिया जले दिया जले, दिया जले जय जय हो " "जग में दिया जले, दिया जले, दिया जले, जय जय हो" (अंतरा 1) जग में दिया जले, हर दिल में उजाला हो, अंधियारा जो था, अब रोशनी का पाला हो। सपनों की राह चले, मन में नया उत्साह हो, हर ओर हो रौशनी, हर ओर जय जय हो! (मुखड़ा) दिया जले, दिया जले, प्रेम की लौ सजीले! जय जय हो, जय जय हो, हर दिल में उमंग खिलें! जग में दिया जले, दिया जले, दिया जले, जय जय हो (अंतरा 2) राह में फूल खिलें, शांति का संदेश हो, हर दिल में विश्वास हो, और नई आशा हो। चांदनी भी गाए, सूरज भी मुस्काए, हर पल में उजाले, हर पल में जय जय हो! जग में दिया जले, दिया जले, दिया जले, जय जय हो (मुखड़ा) दिया जले, दिया जले, प्रेम की लौ सजीले! जय जय हो, जय जय हो, हर दिल में उमंग खिलें! (अंतरा 3) धरती और अम्बर में, अब रंग नया हो जाए, हर दिल की आवाज़ में, सपनों का जहां बस जाए। भाईचारे की डोर से, बांधें हम एक दूजे को, हर ओर अमन हो, हर दिल में जय जय हो! जग में दिया जले, दिया जले, दिया जले, जय जय हो (मुखड़ा) दिया जले, दिया जले, प्रेम की लौ सजीले! जय जय हो, जय जय हो, हर दिल में उमंग खिलें! जग में दिया जले, दिया जले, दिया जले, जय जय हो जग में दिया जले, दिया जले, दिया जले, जय जय हो

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