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Friday, 11 October 2024
सफर तानहा तानहा कैसे चालू तोरे बिना,
दिलवा के बात काहे समझे नईसे बिना।
तोरे बिना जिनगी लागे ठहरल बा,
सपना अब अधूरा, जइसे टूटल रास्ता।
Chorus:
ओ रे साथी, तोरे बिना मोर सपना अधूरा,
तू रहले संग, जिनगी लगल सुरमया।
संग रहली त दुनियाँ लागे सपना,
अब तानहा मोर मनवा, तू ही मोर अपना।
Verse 2:
राते के चांदनी अब अंधियारे हो गइल,
संग तोर बिना, सब कुछ फिक्का पड़ गइल।
बाते मोर दिलवा तोके रोज़ पुकारे,
तू आवा पास, अब दिनवा फिर से सवारे।
Chorus:
ओ रे साथी, तोरे बिना मोर सपना अधूरा,
तू रहले संग, जिनगी लगल सुरमया।
संग रहली त दुनियाँ लागे सपना,
अब तानहा मोर मनवा, तू ही मोर अपना।
Bridge:
हवा के झोंका भी अब धीरे चलल बा,
तोरे बिना मनवा के कुछ नईसे लगल बा।
फूल खिलते नईसे, बगिया सुनी हो गइल,
तू बिना जिंदगी के सफर अधूरा बा कहले।
Chorus:
ओ रे साथी, तोरे बिना मोर सपना अधूरा,
तू रहले संग, जिनगी लगल सुरमया।
संग रहली त दुनियाँ लागे सपना,
अब तानहा मोर मनवा, तू ही मोर अपना।
Outro:
सफर तानहा तानहा, मोर राह तानहा तानहा,
तोरे बिना साथी, जिनगी लागे खाली-खाली बा।
तोरे बिना सपना, मोर दिल अब खोजे सवेरा,
आवा तोर बिना, मनवा के तानहा सफर ना गुजरे।
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