Friday, 18 October 2024

दारू पी ले, झूम झूमा (हहा) (वर्स 1) शाम ढले, मस्ती चले, दिल का है इरादा, नशे में डूबे। दोस्तों का साथ, छेड़े दिल के राग, मौसम बना है जैसे कोई जादू। (कोरस) दारू पी ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा हहा, चखना खा ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा। दारू पी ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा हहा, मस्ती छेड़े, झूम झूमा हहा, झूम झूमा। (वर्स 2) बीट चले, नाचें कदम, दिल की सुनो अब किसका है डर? जीवन है ये, एक बड़ा सफर, आज की रात है बस अपना असर। (कोरस) दारू पी ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा हहा, चखना खा ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा। दारू पी ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा हहा, मस्ती छेड़े, झूम झूमा हहा, झूम झूमा। (ब्रिज) झूमे ये मन, बिन किसी फिक्र, रात को बस बाँध दे ये धड़क। यारों के संग, छेड़ें मस्ती का रंग, हर लम्हा जी, छोड़ो कल की जंग! (कोरस) दारू पी ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा हहा, चखना खा ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा। दारू पी ले, झूम झूमा हहा, झूम झूमा हहा, मस्ती छेड़े, झूम झूमा हहा, झूम झूमा। (आउट्रो) सपनों को थाम, रात को सलाम, मस्ती में है, हर दिल का पैग़ाम। झूमते रहो, नाचते रहो, जीवन को यूँ ही, खुल के जियो!

No comments:

Post a Comment