Monday, 2 September 2024

आसमान के सितारे चारों ओर चली हवाएं

आसमान के सितारे चारों ओर चली हवाएं (Aasman Ke Sitare, Charoon Aur Chali Hawaayein) Intro: आसमान के सितारे, चारों ओर चली हवाएं, दिल में उठे हैं अरमां, जैसे कोई प्रेम कथाएं। Verse 1: चाँदनी रात में, कुछ कहती हैं ये फिजाएं, तेरे बिना अधूरी हैं, ये दिल की सौगातें। ख्वाबों में तुम हो, और मेरी ये निगाहें, कैसे कहूँ मैं तुमसे, मेरी ये चाहतें। Chorus: आसमान के सितारे, चारों ओर चली हवाएं, दिल में उठे हैं अरमां, जैसे कोई प्रेम कथाएं। तेरे बिना ये पल, जैसे बेमानी हो जाएं, तुम हो जो पास मेरे, हर लम्हा खास बन जाए। Verse 2: बिन कहे समझ लो, दिल की ये बेचैनियां, तेरे साथ में सजे हैं, जीवन की सभी मनमानी। तुम ही हो वो सपना, जो मेरी आँखों में बस जाए, हर रात तेरे ख्वाबों में, ये दिल मेरा खो जाए। Chorus: आसमान के सितारे, चारों ओर चली हवाएं, दिल में उठे हैं अरमां, जैसे कोई प्रेम कथाएं। तेरे बिना ये पल, जैसे बेमानी हो जाएं, तुम हो जो पास मेरे, हर लम्हा खास बन जाए। Bridge: तुमसे ही है ये दुनिया, तुमसे ही हर खुशी, तुमसे ही हर मोड़ पे, मिलती है ज़िंदगी। तेरी आँखों में देखा, मैंने अपना जहां, तेरे बिना अधूरा, है मेरा ये आशियां। Chorus: आसमान के सितारे, चारों ओर चली हवाएं, दिल में उठे हैं अरमां, जैसे कोई प्रेम कथाएं। तेरे बिना ये पल, जैसे बेमानी हो जाएं, तुम हो जो पास मेरे, हर लम्हा खास बन जाए। Outro: आसमान के सितारे, चारों ओर चली हवाएं, दिल में उठे हैं अरमां, जैसे कोई प्रेम कथाएं।

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