Wednesday, 18 September 2024

साथी साथी चाही चाही तोर बिना

साथी साथी चाही, चाही तोर बिना (Chhattisgarhi Song Lyrics) साथी साथी चाही, चाही तोर बिना, कैसी-कैसी जिनगी, जियो रे मोर सिना। साथी साथी चाही, चाही तोर बिना, कैसी-कैसी जिनगी, जियो रे मोर सिना। तोर संग हर दिन मया के राग, तोर बिना खाली मोर मन के आग। हँसी ठिठोली, बात-बात मं प्यार, तोर बिना सुन्ना लगथे संसार। साथी साथी चाही, चाही तोर बिना, कैसी-कैसी जिनगी, जियो रे मोर सिना। रात-दिन बइठौं तोला सोचत, सपना मं तोर छाँव खोजत। जीना मँ मुश्किल, राहे अनजानी, तोर बिना मोर दुनियाँ सुनी सुनी। साथी साथी चाही, चाही तोर बिना, कैसी-कैसी जिनगी, जियो रे मोर सिना। हर बात मं तोर हँसी के बात, तोर बिना जिनगी मं नईहे बरसात। दिल के बात कहत हवंय गोहरावत, तोर बिना जिनगी ला कहाँ सम्हारत। साथी साथी चाही, चाही तोर बिना, कैसी-कैसी जिनगी, जियो रे मोर सिना। संग चलबे तभे सजही जिनगी के राह, तोर बिना जिनगी मं नई हे कोई चाह। आजा मोर संग, देबे खुशियाँ के रंग, तोर बिना जिनगी हे, सूखा पतझड़ संग। साथी साथी चाही, चाही तोर बिना, कैसी-कैसी जिनगी, जियो रे मोर सिना। (साथी साथी चाही, चाही तोर बिना, कैसी-कैसी जिनगी, जियो रे मोर सिना...)

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