Wednesday, 18 September 2024

Jindgi me shath Na de koi

जिंदगी में साथ ना दे कोई जिंदगी में साथ ना दे कोई आज के जमाना में, काहे हो गइल अइसन होई तनहा तनहा लम्हा जिया जा रहल बानी दिल के दर्द अब छुपा ना पावतानी ए जिंदगी, तू हमके समझा दे काहे इ दुनियाँ एतना बदल गइल बा रे सपना टूटत, आ अँखिया रोवत बा तनी सहारा दे, ए दिलवा के कहरवा मीत सब बिछड़ गइल दूर के किनारा पर रस्ता खाली बा, हम अकेले राहत पर बीतल जवानी के अब ना कोई साथ बा टूटल सनेहिया, बस खाली आघात बा ए जिंदगी, तू हमके समझा दे काहे इ दुनियाँ एतना बदल गइल बा रे सपना टूटत, आ अँखिया रोवत बा तनी सहारा दे, ए दिलवा के कहरवा रात के सन्नाटा, दिल के फुफकार बा हर कोई कहेला, "तू अकेले पर ताक़त बा" हम कहनी, "इ ताकत ना चाहीं हमरा बस एगो साथी, जवन दिल से हो वफादार" ए जिंदगी, तू हमके समझा दे काहे इ दुनियाँ एतना बदल गइल बा रे सपना टूटत, आ अँखिया रोवत बा तनी सहारा दे, ए दिलवा के कहरवा तनहा तनहा लम्हा जिया जा रहल बानी दिल के दर्द अब छुपा ना पावतानी जिंदगी में साथ ना दे कोई आज के जमाना में, काहे हो गइल अइसन होई...

No comments:

Post a Comment