Friday, 18 October 2024

जंगल जंगल, नदी नदी, आजा जा जा, आजा जा जा, बाहू पसार के, खुला ये धरा, आजा जा जा, आजा जा जा। (Verse 1) जंगल के पाना, हवाले म बइठे, चिरई मन गावत, सुहाना ये गीत रे। बूटा-बूटा ह थरथराए, हवा के संग म राग सुनाए, आज मोर मनवा ह बस गा कहे, आज आ जा, नाच ले सँग संग रे। (Chorus) जंगल जंगल, नदी नदी, आजा जा जा, आजा जा जा, बाहू पसार के, खुला ये धरा, आजा जा जा, आजा जा जा। (Verse 2) नदी के धार म बहे सपनवा, मोर अंगना म आय रहिबे रे बनवा। बइला मन ह बोलत संगे, खेत के राग गुनगुनाए, सुकवा-पंखा मन थिरकत जावे, आज आ जा, जी ले भरे-भरे। (Chorus) जंगल जंगल, नदी नदी, आजा जा जा, आजा जा जा, बाहू पसार के, खुला ये धरा, आजा जा जा, आजा जा जा। (Bridge) बारी म फुलवा महकत हावे, गली गली म खुशबू छावे। धरती अइसे गोदी म भर ले, हाथ जोड़े तोर बाट जोहे। (Outro) जंगल जंगल, नदी नदी, आजा जा जा, आजा जा जा, बाहू पसार के, खुला ये धरा, आजा जा जा, आजा जा जा। जंगल जंगल, नदी नदी, आजा जा जा, आजा जा जा।

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