Sunday, 27 October 2024

आया रोशनी का त्यौंहार

आया रोशनी का त्योंहार, आया दीपों का त्योंहार। हर घर में है उजियारा, सज उठा सारा संसार। (अंतरा १) रंग-बिरंगी ये झालरें, झिलमिल रोशनी की कतार। हर गली, हर एक चौबारा, जगमग करता संसार। दिलों में खुशियों की बहार, मिटे हर दुःख, हर अंधकार। आया रोशनी का त्योंहार, आया दीपों का त्योंहार। (अंतरा २) मिठाई की महक से महका, हर कोना, हर घर-बार। सज गए उपहारों के संग, प्यार भरी एक पुकार। बड़े बुज़ुर्गों का आशीष मिले, हर चेहरे पे है मुस्कान। आया रोशनी का त्योंहार, आया दीपों का त्योंहार। (अंतरा ३) दीप जलें, उम्मीदें चमकें, खुशियां बांटे हर इंसान। बांधे सबको एक धागे में, प्यार का हो संगम यहाँ। भूलें शिकवे, गले लग जाएं, खुशियों से भर दें हर दिवार। आया रोशनी का त्योंहार, आया दीपों का त्योंहार।

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