Thursday, 14 November 2024

गुरु के चरण म, हम सब झुके हन, ज्ञान के रोशनी ले, अँधियारा मिटे हन। गुरु हा अगुआ, राह दिखाए ह, हमर जिनगी के, हर पाना सजाए ह। छत्तीसगढ़ के भाखा म गाथा गा रथन, गुरु के बतावा ले, हर बाधा पार करतन। ओ गुरु देवता, तुहं अंधियारा मा दीपक, तोरे करम हा हमर जिनगी के संजीवक। गुरु के चरण म, धरम के रंग रचथे, ज्ञान के बरसा म, सब संग चलथे। तोर शिक्षा, तोर ही राह, हमर आशीर्वाद, ओ गुरु महाराज, तोरे म हे आधार। जिनगी के हर मुसीबत, तोर बात ले हटाथे, तोर शिक्षा ले सब दुनिया के रहस्य खुलाथे। अइसन गुरु, जेन हा असल राह दिखाए, तोर पग परे बिना, हर सपना ह टूट जाए। गुरु तो वो हवे, जेन ममता के मूरत, जिनगी के संघर्ष म, देथे जीये के सूरत। तोरे बिना सब सपना ह अधूरा लागथे, ओ गुरुजी, तोरे चरण म हमन शीश नवाथे। गुरु के चरण म, धरम के रंग रचथे, ज्ञान के बरसा म, सब संग चलथे। तोर शिक्षा, तोर ही राह, हमर आशीर्वाद, ओ गुरु महाराज, तोरे म हे आधार। गुरु तो वो हवे, जेन हा दुनिया समझाथे, जिनगी के हर पड़ाव म, तोरे बताय राह सजाथे। ओ गुरु देव, तोर बिना जिनगी अधूरा, तोरे ज्ञान म ही हे हर सवाल के पूरा। तोरे चरण म समर्पण हमर, गुरुजी, तोर नाम म अपन जीवन। हर कदम म तुहीं राह दिखाबे, ओ गुरु महाराज, तुहीं सपना सजाबे। गुरु के चरण म, धरम के रंग रचथे, ज्ञान के बरसा म, सब संग चलथे। तोर शिक्षा, तोर ही राह, हमर आशीर्वाद, ओ गुरु महाराज, तोरे म हे आधार।

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